साथी फाउंडेशन में निराश्रित को सहयोग दिया ।
2026-09-29 06:38:16
मीना कुमारी निषाद का विवाह ग्राम अचलगढ़ टांगिया, पोस्ट लक्ष्मीपुर, जिला महराजगंज के एक गरीब परिवार में हुआ था। पति द्वारा साथ छोड़ दिए जाने के बाद वह अपनी एकलौती पुत्री के साथ अपने मायके ग्राम बंगला, फर्टिलाइजर के पास, जिला गोरखपुर में रहकर किसी तरह जीवन यापन कर रही थीं। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे मायके वालों के सामने भी आज हालात बेहद कठिन हैं।
इसी गरीबी से तंगी के कारण कुपोषण का शिकार मीना कुमारी निषाद का भी अंत हो गया। उसके देहांत के बाद उसके ब्रह्म भोज में खर्च होने वाले खाना खिलाने का सामान तक उसके माइक वालों के पास नहीं रहा। मीना कुमारी की इकलौती बेटी अनाथ हो गई है। ऐसे दुर्लभ समय में साथी फाउंडेशन गोरखपुर ने वहां पर चूड़ा ,दही, चीनी ,सरसों का तेल रिफाइन और अन्य सामान जो ब्रह्म भोज में काम आता है, देकर एक भावनात्मक सहयोग दिया। जिसकी क्षेत्र में भूरी भूरी प्रशंसा की जा रही है। विदित हो साथी फाउंडेशन ऐसे सहयोग क्षेत्र में करता आ रहा है। साथी फाउंडेशन के सक्रिय पदाधिकारी दीपक निषाद बताते हैं, निराश्रित व्यक्तियों के शादी विवाह या ब्रह्म भोज में लोग साथी फाउंडेशन से संपर्क अवश्य करें।
इसी गरीबी से तंगी के कारण कुपोषण का शिकार मीना कुमारी निषाद का भी अंत हो गया। उसके देहांत के बाद उसके ब्रह्म भोज में खर्च होने वाले खाना खिलाने का सामान तक उसके माइक वालों के पास नहीं रहा। मीना कुमारी की इकलौती बेटी अनाथ हो गई है। ऐसे दुर्लभ समय में साथी फाउंडेशन गोरखपुर ने वहां पर चूड़ा ,दही, चीनी ,सरसों का तेल रिफाइन और अन्य सामान जो ब्रह्म भोज में काम आता है, देकर एक भावनात्मक सहयोग दिया। जिसकी क्षेत्र में भूरी भूरी प्रशंसा की जा रही है। विदित हो साथी फाउंडेशन ऐसे सहयोग क्षेत्र में करता आ रहा है। साथी फाउंडेशन के सक्रिय पदाधिकारी दीपक निषाद बताते हैं, निराश्रित व्यक्तियों के शादी विवाह या ब्रह्म भोज में लोग साथी फाउंडेशन से संपर्क अवश्य करें।
