
💔 एक मासूम बच्चा… जिसने बहुत कम उम्र में अपनी माँ को खो दिया।
यह बच्चा स्वर्गीय मीना कुमारी निषाद का है। इतनी छोटी उम्र में ही उसकी माँ इस दुनिया से चली गईं और आज वह मासूम अपने सिर से माँ का साया खोकर अकेला खड़ा है।
मीना कुमारी निषाद का विवाह ग्राम अचलगढ़ टांगिया, पोस्ट लक्ष्मीपुर, जिला महराजगंज के एक गरीब परिवार में हुआ था। पति द्वारा साथ छोड़ दिए जाने के बाद वह अपने बच्चों के साथ अपने मायके ग्राम बंगला, फर्टिलाइजर के पास, जिला गोरखपुर में रहकर किसी तरह जीवन गुजार रही थीं। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रहे मायके वालों के सामने भी आज हालात बेहद कठिन हैं।
आज मीना कुमारी निषाद हमारे बीच नहीं हैं…
और पीछे रह गया है उनका यह मासूम बच्चा, जो अपनी माँ के अंतिम संस्कार तक के लिए दूसरों के सामने मदद की उम्मीद लेकर खड़ा है। 😢
क्या एक माँ की अंतिम विदाई भी बिना मदद के रह जाए?
क्या इस मासूम बच्चे को इस मुश्किल घड़ी में अकेला छोड़ दिया जाए?
🙏 साथी फाउंडेशन आप सभी संवेदनशील लोगों से हाथ जोड़कर अनुरोध करता है—इस बच्चे की मदद के लिए आगे आइए।
आप अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार ₹50, ₹100, ₹500 या जितना भी संभव हो, सहयोग कर सकते हैं।
आपका छोटा-सा सहयोग इस मासूम के लिए बहुत बड़ी मदद बन सकता है।
❤️ आज किसी की मजबूरी का सहारा बनिए।
❤️ इस मासूम को उसकी माँ की अंतिम विदाई में अपना सहयोग दीजिए।